बिहार में गयाजी को राज्य की दूसरी राजधानी बनाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि गयाजी को बिहार की दूसरी राजधानी का दर्जा दिया जाए। नेताओं ने कहा कि ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ गयाजी इसके लिए जरूरी सुविधाओं और संभावनाओं को भी रखता है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गयाजी को दूसरी राजधानी का दर्जा मिलने से मगध क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है। इससे प्रशासनिक और न्यायिक सुविधाओं का विस्तार होगा। नेताओं ने यहां पटना हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की संभावना का भी उल्लेख किया, जिससे मगध क्षेत्र के लोगों को न्याय के लिए पटना जाने की परेशानी कम हो सकती है।
कांग्रेस नेताओं ने अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को एम्स की तर्ज पर विकसित करने, गयाजी को रामायण सर्किट से जोड़ने और स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की जरूरत बताई। उनके मुताबिक, दूसरी राजधानी का दर्जा मिलने से सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी आधारभूत ढांचे के विकास को भी बढ़ावा मिल सकता है।
नेताओं ने गयाजी की धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय पहचान का हवाला देते हुए कहा कि यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। हिंदू धर्म के साथ-साथ बौद्ध धर्म के लिए भी गयाजी और आसपास का क्षेत्र महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि दूसरी राजधानी बनने से पर्यटन, स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने सरकार से गयाजी को केवल धार्मिक नगरी के बजाय बिहार के प्रमुख प्रशासनिक, आर्थिक, शैक्षणिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग की है।
कांग्रेस की इस मांग ने बिहार में राजधानी के विकेंद्रीकरण और क्षेत्रीय विकास को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। अब नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर है।

@MUSKAN KUMARI





