नवादा जिले के वारसलीगंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत काशीचक प्रखंड कार्यालय परिसर में गुरुवार, 13 अगस्त से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू हो गया है। 20 सूत्री अध्यक्ष के नेतृत्व में टेंट लगाकर शुरू किए गए इस आंदोलन में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत कुल 12 सदस्य शामिल हैं। अनशनकारी प्रखंड में कथित भ्रष्टाचार और सूखे की गंभीर स्थिति के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
धान की रोपनी ठप, किसान परेशान
अनशन में शामिल रामप्रवेश सिंह, प्रदीप कुमार और रिंकू सिंह समेत अन्य सदस्यों का कहना है कि बारिश नहीं होने से काशीचक प्रखंड सूखे की चपेट में है। खेतों में धान की रोपनी ठप पड़ी है और किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।

34 सरकारी पंपों के बंद होने का आरोप
अनशनकारियों का दावा है कि किसानों को सिंचाई सुविधा देने के लिए लगाए गए 34 समर्सिबल और ट्यूबवेल में से एक भी चालू नहीं है। उनका आरोप है कि बोरिंग और पंप के संचालन में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके कारण किसानों को जरूरत के समय पानी नहीं मिल रहा।
अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप
20 सूत्री अध्यक्ष और सदस्यों ने बताया कि सूखे और पंपों की स्थिति को लेकर कई बार वरीय अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अनशनकारियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
अनशनकारियों ने कहा कि जब तक किसानों को सूखे से राहत देने के लिए प्रभावी इंतजाम नहीं किए जाते और कथित भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
@MUSKAN KUMARI





