राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार से जुड़े बहुचर्चित IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय करने पर अपना फैसला फिलहाल टाल दिया है। अब अदालत इस मामले में 14 अगस्त को अपना आदेश सुनाएगी। फिलहाल लालू परिवार को न राहत मिली है और न ही कोई नई कानूनी मुश्किल बढ़ी है।
शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत को लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती, हेमा यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला सुनाना था। हालांकि, कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखते हुए अगली तारीख 14 अगस्त निर्धारित कर दी। इससे पहले भी 16 जून को फैसला 31 जुलाई तक के लिए टाल दिया गया था।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में IRCTC के दो होटलों के संचालन और रखरखाव के ठेके देने में अनियमितताएं हुईं। जांच एजेंसी का दावा है कि इसके बदले लालू परिवार से जुड़ी एक कथित बेनामी कंपनी के माध्यम से करीब तीन एकड़ कीमती जमीन हासिल की गई, जो मनी लॉन्ड्रिंग का हिस्सा है।
वहीं, लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि होटल टेंडर की पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से हुई थी।
इस मामले से जुड़ी आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएं दिल्ली हाईकोर्ट में भी लंबित हैं। अब सभी की नजरें 14 अगस्त पर टिकी हैं, जब राउज एवेन्यू कोर्ट यह तय करेगी कि इस मामले में आरोप औपचारिक रूप से तय किए जाएंगे या नहीं।
@MUSKAN KUMARI






