संसद के मानसून सत्र का आठवां दिन बेहद अहम माना जा रहा है। बुधवार को लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर वोटिंग होगी। इसके बाद सरकार इस विधेयक को राज्यसभा में भी पेश करेगी। माना जा रहा है कि पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर सदन में एक बार फिर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
मंगलवार को इस विधेयक पर लोकसभा में करीब नौ घंटे तक चर्चा हुई। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि संशोधन का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना और पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना है। वहीं कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने नीट और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किया कि जब पेपर लीक की घटनाएं पहले ही हो चुकी हैं, तो अब कानून में संशोधन क्यों लाया जा रहा है।

सदन में नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति को लेकर भी राजनीतिक विवाद देखने को मिला। विपक्ष ने उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा ने आरोपों को निराधार बताते हुए विपक्ष पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में लागू कानून के तहत पेपर लीक, नकल, ओएमआर शीट से छेड़छाड़ और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी को गैर-जमानती अपराध बनाया गया था। अब सरकार इस कानून को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए संशोधन विधेयक को पारित कराने की कोशिश कर रही है। ऐसे में आज की संसदीय कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हैं।
@MUSKAN KUMARI






