पेपर लीक बिल पर लोकसभा में घमासान: कांग्रेस ने बताया ‘दिखावटी’, सरकार बोली— छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए जरूरी

लोकसभा में मंगलवार को ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस ने इस संशोधन विधेयक को “दिखावटी” बताते हुए सरकार पर शिक्षा व्यवस्था सुधारने में विफल रहने का आरोप लगाया, जबकि केंद्र सरकार ने इसे पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में अहम कदम बताया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पहले इस विधेयक पर छह घंटे की चर्चा तय की थी। हालांकि, सभी दलों की सहमति के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने चर्चा का समय बढ़ाकर आठ घंटे कर दिया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार 10 घंटे तक चर्चा कराने के लिए भी तैयार है।

विपक्ष की ओर से चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर शिक्षा के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2024 में कानून बनने के बावजूद 2026 में भी पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिससे स्पष्ट है कि पिछला कानून प्रभावी नहीं रहा। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए परीक्षा माफिया, प्रिंटिंग नेटवर्क और कोचिंग माफिया पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

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गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार की बजाय केवल कानून में संशोधन कर रही है। उन्होंने आरएसएस की भूमिका, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के मुद्दे भी उठाए। उनका दावा था कि कई छात्र निराशा में आत्महत्या तक करने को मजबूर हुए और सरकार उनकी चिंताओं को दूर करने में असफल रही।

वहीं, विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हाल की घटनाओं को देखते हुए 2024 के कानून को और मजबूत बनाना जरूरी था। उन्होंने बताया कि परीक्षा सुधार के लिए गठित राधाकृष्ण समिति की 40 में से 35 सिफारिशें लागू की जा चुकी हैं। सरकार का कहना है कि संशोधित कानून से पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई, कड़ी सजा और परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

फिलहाल लोकसभा में विधेयक पर चर्चा जारी है। सरकार इसे परीक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार बता रही है, जबकि विपक्ष का कहना है कि केवल कानून बदलने से नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था में सुधार से ही पेपर लीक जैसी समस्याओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

@MUSKAN KUMARI

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Author: NCRLOCALDESK

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