पटना: बिहार के चर्चित री-NEET घोटाले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। कथित फर्जीवाड़े की परतें खुलने के बाद अब 22 मेडिकल छात्रों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर इन छात्रों का मेडिकल रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, NEET परीक्षा रद्द होने के बाद आयोजित होने वाली री-NEET परीक्षा में सेंध लगाने की कथित साजिश रची गई थी। जांच में कई मेडिकल छात्रों की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है। इनमें कुछ MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि कुछ अपनी मेडिकल डिग्री पूरी कर चुके हैं।
आरोप है कि परीक्षा में स्कॉलर बैठाने के लिए 5 लाख से 12 लाख रुपये तक की डील की जाती थी। बायोमेट्रिक सत्यापन में कथित हेराफेरी के लिए तकनीकी मदद लेने की बात भी जांच में सामने आई है। संबंधित मेडिकल कॉलेजों को कार्रवाई की सूचना भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

जांच के दौरान कथित मास्टरमाइंड के रूप में PMCH के सौरव, NMCH के चंदन और पावापुरी मेडिकल कॉलेज के रविशंकर उर्फ सम्राट के नाम सामने आने का दावा किया गया है। आरोप है कि पटना में बैठकर स्कॉलर की व्यवस्था, बायोमेट्रिक सिस्टम को चकमा देने और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की पूरी रणनीति तैयार की गई थी।
EOU की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों से कई अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। वहीं, फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
@MUSKAN KUMARI





