पटना: राजद सांसद सुधाकर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) में कथित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने नल-जल योजना के मेंटेनेंस से जुड़े करीब 3500 करोड़ रुपये के टेंडर में अनियमितता का दावा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि बिहार में रिशु श्री, संजीव हंस और आनंद किशोर से जुड़ा एक कथित नेटवर्क बनाया गया था, जो कार्रवाई के बावजूद सक्रिय है। उन्होंने दावा किया कि कई कंपनियों को नियमों को ताक पर रखकर टेंडर दिए गए और जिन कंपनियों पर पहले कार्रवाई हुई या जिन्हें अन्य विभागों में डिबार किया गया था, उन्हें भी काम सौंपा गया।
राजद सांसद ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि यदि विभागीय स्तर पर गड़बड़ियां हो रही हैं तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में मंत्रियों की भूमिका कमजोर हो गई है और अधिकारी मनमाने तरीके से फैसले ले रहे हैं।

सुधाकर सिंह ने दावा किया कि उन्होंने पूरे मामले को लेकर जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है और जांच की मांग की है। उन्होंने पंकज दराद के तबादले का मुद्दा भी उठाते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई चाहने वाले अधिकारियों को हटाया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पंकज दराद को पूरी तरह क्लीन चिट नहीं दे रहे और निष्पक्ष जांच जरूरी है।
राजद सांसद के इन आरोपों के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। अब सरकार और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार है। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
@MUSKAN KUMARI






