पटना: राजधानी पटना के पीएमसीएच (PMCH) में नर्सों और जूनियर डॉक्टरों के बीच हुए विवाद पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बुधवार को कहा कि पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पीएमसीएच के अधीक्षक को तलब किया गया है और सभी पक्षों से विस्तृत चर्चा के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य बनाए रखना और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा से बचाना है।
विवाद की शुरुआत एक महिला नर्स के पति की इलाज के दौरान मौत के बाद हुई। मृतक पटना जिले के मोकामा निवासी थे। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया, जिसके बाद नर्सों ने विरोध स्वरूप कार्य बहिष्कार कर दिया। करीब आठ घंटे तक चली हड़ताल के कारण इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर ऑपरेशन थिएटर और कई अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। इस दौरान 52 निर्धारित सर्जरी भी स्थगित करनी पड़ीं।
बाद में पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने नर्सों से बातचीत कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद नर्सों ने अपना आंदोलन समाप्त कर काम पर वापसी की। हालांकि, इसके बाद पीएमसीएच जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। इससे ओपीडी, जनरल वार्ड और ऑपरेशन थिएटर की सेवाएं प्रभावित हुईं, जबकि इमरजेंसी, आईसीयू, लेबर रूम और आपातकालीन ऑपरेशन थिएटर की सेवाएं जारी रहीं।

स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इधर, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल का औचक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान डॉ. राकेश कुमार रोशन को ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं, न्यूरो विभाग के डॉ. श्याम किशोर को मरीज को सरकारी अस्पताल के बजाय बाहर से जांच कराने की सलाह देने के आरोप में शो-कॉज नोटिस दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अस्पतालों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
!MUSKAN KUMARI





