SIR और चुनाव आयोग पर विपक्ष का बड़ा कदम, CJI को 23 दलों ने भेजा संयुक्त पत्र

नई दिल्ली: विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों ने एकजुट होकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को संयुक्त पत्र भेजा है। मंगलवार को 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने इस पत्र के जरिए न्यायपालिका से हस्तक्षेप की अपील की। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया, चुनाव आयोग के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये और चुनावी नतीजों में कथित हेरफेर जैसे गंभीर मुद्दों पर न्यायपालिका को संज्ञान लेना चाहिए।

कांग्रेस ने इस पहल को विपक्ष की “SURE (Solidarity, Unity and Resistance)” यानी एकजुटता, एकता और प्रतिरोध की भावना का प्रतीक बताया है। यह पहल 8 जून को हुई I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक में लिए गए फैसले का हिस्सा है। उस बैठक में 22 राजनीतिक दलों और निर्दलीय सांसद ने हिस्सा लिया था और CJI को संयुक्त पत्र भेजने पर सहमति बनी थी। हालांकि, बैठक में मौजूद राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए।

सूत्रों के अनुसार, चार पन्नों के इस पत्र में कहा गया है कि जब लोकतंत्र के अन्य संस्थान अपनी जिम्मेदारियां निभाने में विफल हो जाते हैं, तब देश की उम्मीद न्यायपालिका से होती है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कई राज्यों में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी मशीनरी का इस्तेमाल विपक्ष के खिलाफ किया गया। साथ ही चुनाव आयोग के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये और चुनाव परिणामों में कथित हेरफेर का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि यह पत्र सार्वजनिक नहीं किया गया है।

कांग्रेस महासचिव ने पुष्टि की कि 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद के हस्ताक्षर वाला यह संयुक्त पत्र मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया गया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे I.N.D.I.A. गठबंधन की सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि DMK और AAP का इसमें शामिल होना विपक्षी एकजुटता को और मजबूत करता है।

संयुक्त पत्र पर कांग्रेस अध्यक्ष , लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष , तृणमूल कांग्रेस प्रमुख , समाजवादी पार्टी अध्यक्ष , झारखंड के मुख्यमंत्री , जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री , शिवसेना (UBT) प्रमुख और राजद नेता समेत कई वरिष्ठ नेताओं के हस्ताक्षर हैं।

गौरतलब है कि 8 जून को हुई I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक में भाजपा-आरएसएस के खिलाफ संयुक्त रूप से संघर्ष करने का संकल्प लिया गया था। इसी बैठक में CJI को पत्र लिखने, NEET-CBSE विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करने और देश की आर्थिक स्थिति पर सर्वदलीय बैठक बुलाने जैसे प्रस्तावों पर भी सहमति बनी थी। दिसंबर 2023 के बाद यह I.N.D.I.A. गठबंधन की पहली औपचारिक बैठक |

@MUSKAN KUMARI

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Author: NCRLOCALDESK

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