गया। बिहार शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता संचालित निजी विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में गया जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को निर्देश जारी करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित ऐसे निजी विद्यालयों की पहचान कर तीन दिनों के भीतर उनकी सूची उपलब्ध कराने को कहा है। विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों का नामांकन केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही कराएं।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एसएसए) गौरव राज ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। बिना मान्यता संचालित विद्यालयों की पहचान के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि गैर-मान्यता प्राप्त विद्यालयों में नामांकन कराने से भविष्य में छात्रों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अभिभावकों को किसी भी विद्यालय में प्रवेश से पहले उसकी मान्यता की जांच करने की सलाह दी गई है।
विभाग के अनुसार, बच्चों का निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 तथा बिहार राज्य बच्चों की निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली, 2011 के तहत सक्षम प्राधिकारी से मान्यता प्राप्त किए बिना किसी भी विद्यालय की स्थापना अथवा संचालन नहीं किया जा सकता। अधिनियम की धारा 18 और 19 के अनुसार बिना मान्यता विद्यालय चलाना कानूनन अपराध है।

निजी विद्यालयों के लिए मान्यता हेतु आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 जून 2026 निर्धारित की गई थी। इसके बाद भी बिना मान्यता संचालित पाए जाने वाले विद्यालयों को अवैध माना जाएगा और उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति या संस्था पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, कार्रवाई के बाद भी विद्यालय संचालन जारी रखने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना वसूला जा सकता है।
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, गया जिले में ज्ञानदीप पोर्टल पर 648 निजी विद्यालय पंजीकृत हैं, जबकि ई-संबंधन पोर्टल पर निर्धारित समय सीमा के भीतर मान्यता के लिए 32 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। विभाग इन आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करने के साथ-साथ बिना मान्यता संचालित विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में जुटा हुआ है।
@MUSKAN KUMARI






