कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार को पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा, जब राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बीते चार दिनों में यह तीसरा मौका है, जब टीएमसी के किसी राज्यसभा सांसद ने पार्टी का साथ छोड़ा है।
इससे पहले 11 जून को राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी से इस्तीफा दिया था, जबकि 8 जून को सुखेंदु रे ने राज्यसभा सदस्यता और पार्टी दोनों से त्यागपत्र दे दिया था। लगातार हो रहे इस्तीफों से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में बढ़ते असंतोष की चर्चा तेज हो गई है।
कौन हैं प्रकाश चिक बड़ाईक?
चाय बागान मजदूर पृष्ठभूमि से निकलकर राज्यसभा तक पहुंचने वाले प्रकाश चिक बड़ाईक को टीएमसी का प्रमुख आदिवासी चेहरा माना जाता रहा है। पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार क्षेत्र से आने वाले बड़ाईक श्रमिक संगठनों में सक्रिय रहे हैं और उत्तर बंगाल के चाय बागान तथा आदिवासी समुदायों का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं।
वर्ष 2021 में उन्हें अलीपुरद्वार जिला टीएमसी अध्यक्ष बनाया गया था। बाद में 2023 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के करीबी युवा आदिवासी नेता के रूप में उन्हें राज्यसभा भेजा गया। अगस्त 2023 में वे पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे।
सांसदों में बढ़ रही नाराजगी
पार्टी के भीतर जारी असंतोष के बीच दावा किया जा रहा है कि टीएमसी के कई सांसद और विधायक नेतृत्व से नाराज हैं। जानकारी के अनुसार, लोकसभा में पार्टी के 28 सांसदों में से 20 सांसद और राज्यसभा के 13 सांसदों में से 3 सांसद अलग हो चुके हैं। इस तरह कुल 23 सांसदों के पार्टी से दूरी बनाने की बात कही जा रही है।
विधायकों ने भी दिखाए बगावती तेवर
इससे पहले 3 जून को पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला था। बताया जा रहा है कि 80 में से 58 टीएमसी विधायकों ने अलग गुट का समर्थन किया है। इन विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता मान्यता देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा था।
बुधवार को ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि उनके समर्थन में 64 विधायक हैं और शेष विधायक भी जल्द ही विधानसभा अध्यक्ष को अपना समर्थन पत्र सौंपेंगे।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है मुश्किलें
सूत्रों के अनुसार, बगावत करने वाले लोकसभा सांसदों की सूची भी बुधवार को सामने आने की संभावना जताई जा रही है। टीएमसी में जारी इस राजनीतिक संकट ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
@MUSKAN KUMARI






