पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का एक वीडियो बुधवार को सामने आया, जिसमें वह पटना की सड़कों पर बिना किसी पुलिस एस्कॉर्ट और सुरक्षा काफिले के वाहन में सफर करते दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली से पटना लौटने के एक दिन बाद सामने आए इस वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
वीडियो में लालू प्रसाद यादव अकेले वाहन में यात्रा करते नजर आ रहे हैं। उनके साथ न तो पुलिस एस्कॉर्ट दिखाई दे रहा है और न ही सुरक्षा कर्मियों का काफिला। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल ही में लालू परिवार द्वारा सरकार की ओर से तैनात किए गए नए सुरक्षा कर्मियों को वापस लौटा दिया गया था।
मंगलवार को पटना लौटने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और सांसद मीसा भारती ने सुरक्षा के मुद्दे पर बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को निशाने पर लिया था। राजद नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक दुर्भावना के तहत लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती की गई है। तेजस्वी यादव ने कहा था कि सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है, जबकि मीसा भारती ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे।
दरअसल, बिहार सरकार ने हाल ही में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को मिली जेड प्लस (Z+) श्रेणी की सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया था। वहीं, तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में भी कटौती की गई है। हालांकि, तेजस्वी यादव की वाई प्लस (Y+) श्रेणी की सुरक्षा और मीसा भारती की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को बरकरार रखा गया है।

सरकार के इस फैसले के बाद लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने अपने आवास पर तैनात नए सुरक्षा कर्मियों को वापस भेज दिया था। इसके बाद राजद कार्यकर्ता स्वयं सुरक्षा व्यवस्था संभालते दिखाई दिए, जिसकी तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए थे।
वहीं, बिहार सरकार का कहना है कि यह फैसला किसी राजनीतिक कारण से नहीं, बल्कि वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा के आधार पर लिया गया है। सरकार का दावा है कि लालू यादव और राबड़ी देवी को पूरी तरह असुरक्षित नहीं छोड़ा गया है और नई व्यवस्था के तहत बिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस (बीएसएपी) समेत अन्य सुरक्षा प्रबंध उपलब्ध हैं।
लालू यादव का बिना सुरक्षा पटना की सड़कों पर घूमने का वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। राजद इसे प्रतिशोध की राजनीति बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था तय मानकों और समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित की गई है।
@MUSKAN KUMARI





