पटना। आस्था फाउंडेशन के “वॉक फॉर लाइफ” कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को पटना सिविल कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं एवं न्यायिक कार्य से जुड़े लोगों के लिए विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “स्वस्थ अधिवक्ता-सशक्त न्याय व्यवस्था” रखा गया।
इस अवसर पर ‘पहल’ के चिकित्सा निदेशक एवं वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि लगातार मानसिक तनाव, लंबे समय तक बैठकर कार्य करने, अनियमित खानपान, अपर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधियों की कमी तथा तंबाकू सेवन के कारण उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, मोटापा, फैटी लिवर, सर्वाइकल एवं कमर दर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
उन्होंने उच्च रक्तचाप और मधुमेह को “साइलेंट किलर” बताते हुए नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, कम नमक के सेवन, प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट पैदल चलने तथा तनाव नियंत्रण पर विशेष जोर दिया। साथ ही हृदयाघात और स्ट्रोक से बचाव के लिए धूम्रपान एवं तंबाकू से दूरी बनाए रखने, वजन नियंत्रित रखने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दी।

डॉ. तेजस्वी ने बिहार की गर्मी और उमस भरे मौसम में शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी को गंभीर समस्या बताते हुए पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, नारियल पानी और संतुलित आहार लेने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि व्यस्त जीवन और लगातार मानसिक दबाव के बीच स्वयं के स्वास्थ्य की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि स्वस्थ अधिवक्ता ही सशक्त न्याय व्यवस्था की आधारशिला हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ताओं ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। आस्था फाउंडेशन द्वारा संचालित “वॉक फॉर लाइफ” अभियान का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है।
@MUSKAN KUMARI






