मुजफ्फरपुर: ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड ने न सिर्फ कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। हादसे में अब तक पांच मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई झुलसे हुए मरीज विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। वहीं आग लगने के बाद कुछ मरीजों के लापता होने की सूचना ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है।
हादसे के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी और भगदड़ मच गई थी। इसी दौरान करीब एक दर्जन मरीजों के लापता होने की बात सामने आई। अपने परिजनों की तलाश में परिवार के लोग शहर के विभिन्न अस्पतालों के चक्कर लगाते नजर आए। जिलाधिकारी और एसएसपी के निर्देश पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमों को सरकारी और निजी अस्पतालों में भेजा गया, जहां मरीजों की पहचान और खोजबीन का अभियान चलाया गया।
इस घटना पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया है। साथ ही सदर अस्पताल और श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

इस दर्दनाक हादसे के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी और विभागीय मिलीभगत के कारण अवैध अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जिससे ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। राजद ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद अपेक्षित जवाबदेही और संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई।
विपक्षी दलों का कहना है कि यदि निजी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों और फायर ऑडिट की प्रक्रिया का समय पर पालन कराया गया होता, तो इस तरह की बड़ी त्रासदी को टाला जा सकता था। वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है तथा मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरपुर का यह अग्निकांड अब केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और राजनीतिक जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े करने वाला मुद्दा बन गया है। लोगों की निगाहें अब जांच रिपोर्ट और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
@MUSKAN KUMARI





