बाढ़ (पटना): पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित बाढ़ टीचर ट्रेनिंग महाविद्यालय में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब शिक्षकों को परोसे गए सुबह के नाश्ते की पूड़ी में एक बड़ा कीड़ा निकल आया। घटना के बाद प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षकों में भारी नाराजगी फैल गई और कई शिक्षकों ने नाश्ता करने से इनकार कर दिया। मामले के सामने आते ही महाविद्यालय प्रशासन में भी अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, महाविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में करीब 233 शिक्षक भाग ले रहे हैं। गुरुवार सुबह नाश्ते के दौरान एक शिक्षक की पूड़ी के बीच से बड़ा कीड़ा निकलने के बाद भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए। कीड़ा दिखते ही वहां मौजूद शिक्षकों में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते पूरे परिसर में इसकी चर्चा शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलते ही कई शिक्षकों ने नाश्ता लेने से मना कर दिया और भोजन व्यवस्था के खिलाफ विरोध जताया। शिक्षकों का कहना था कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इस तरह की लापरवाही स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ के समान है।

घटना के बाद शिक्षकों ने महाविद्यालय की प्राचार्या से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया। प्राचार्या निशा यादव ने बताया कि घटना की सूचना वरीय अधिकारियों को दे दी गई है और भोजन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि नाश्ते की आपूर्ति करने वाली एजेंसी सत्यम इंटरप्राइजेज को कारण बताओ नोटिस भेजने तथा उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। साथ ही भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना ने प्रशिक्षण संस्थानों में भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षकों का कहना है कि यदि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में ही भोजन की ऐसी स्थिति होगी तो इससे प्रतिभागियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित एजेंसी से जवाब तलब किया गया है। पूड़ी में कीड़ा मिलने की यह घटना पूरे प्रशिक्षण केंद्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और शिक्षक दोषी एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
@MUSKAN KUMARI






