पटना। मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह की कानूनी मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं। मीरगंज थाना में दर्ज मामले में पुलिस ने अब दो नई गंभीर धाराएं जोड़ने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इस संबंध में एसीजेएम-1 सह विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में आवेदन दाखिल किया गया है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 और 196 जोड़ने की अनुमति मांगी है। इन धाराओं के तहत संगठित अपराध और जाति तथा धर्म के आधार पर लोगों के बीच दुश्मनी या नफरत फैलाने जैसे आरोप शामिल हैं। इन धाराओं में दोष सिद्ध होने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं, जिनसे यह मामला और गंभीर प्रतीत होता है। इसी आधार पर नई धाराएं जोड़ने की मांग की गई है।

पहले से दर्ज है मामला
मीरगंज थाना में अनंत सिंह और उनके 9 समर्थकों के खिलाफ पहले से प्राथमिकी दर्ज है। आरोप है कि उन्होंने हथियारों का प्रदर्शन किया और जाति एवं धर्म से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए।
यह मामला 2 और 3 मई का बताया जा रहा है। उस दौरान मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में आयोजित जनेऊ कार्यक्रम में विधायक अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम के दौरान विवाद खड़ा हुआ था।
फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक
इस मामले में अनंत सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान एडीजे-3 की अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए 30 मई तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
अब पुलिस की ओर से नई धाराएं जोड़ने की अर्जी पर अदालत में सुनवाई होगी। माना जा रहा है कि यदि अदालत अनुमति देती है, तो केस की गंभीरता और बढ़ सकती है।
क्यों गंभीर माना जा रहा मामला
पुलिस के अनुसार यह मामला सिर्फ सामान्य विवाद तक सीमित नहीं है। जांच में संगठित तरीके से कानून व्यवस्था भंग करने और समाज में तनाव फैलाने के संकेत मिले हैं। इसी वजह से पुलिस केस को और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
@MUSKAN KUMARI






