पूर्णिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील का असर सरकारी दफ्तरों में देखने को मिला। शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ के तहत समाहरणालय परिसर का नजारा बदला-बदला नजर आया। कई अधिकारी सरकारी गाड़ियों की जगह साइकिल, टोटो और पैदल दफ्तर पहुंचे।
अंजनी कुमार सरकारी वाहन छोड़ टोटो से समाहरणालय पहुंचे। खास बात यह रही कि उनके साथ सुरक्षा में तैनात बॉडीगार्ड भी टोटो में ही मौजूद थे। वहीं रवि राकेश साइकिल चलाकर कार्यालय पहुंचे और उनके सुरक्षाकर्मी भी साइकिल से ही साथ नजर आए।
सुबह से ही समाहरणालय परिसर में अधिकारियों का यह अलग अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। अधिकारियों की इस पहल को आम लोगों तक पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का संदेश पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि कुछ अधिकारी ऐसे भी दिखे जिन्होंने ‘नो व्हीकल डे’ का पालन नहीं किया और चार पहिया वाहनों से ही कार्यालय पहुंचे।

प्रभारी जिलाधिकारी अंजनी कुमार ने कहा कि ‘नो व्हीकल डे’ का उद्देश्य केवल ईंधन बचाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक संकट के प्रति लोगों को जागरूक करना भी है। वहीं रवि राकेश ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में तेल की बचत बेहद जरूरी हो गई है और प्रधानमंत्री के आह्वान पर यह पहल लोगों को वैकल्पिक साधनों के उपयोग के लिए प्रेरित करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
@MUSKAN KUMARI





