बिहार में STF का सख्त अभियान, चार महीनों में 12 एनकाउंटर; 4 अपराधी ढेर, 730 गिरफ्तार
पटना। बिहार में अपराध और संगठित गैंग के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कार्रवाई तेज कर दी है। वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में STF ने राज्यभर में 12 पुलिस मुठभेड़ को अंजाम दिया, जिसमें चार कुख्यात अपराधी मारे गए, जबकि नौ अपराधियों को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया गया। औसतन हर महीने तीन एनकाउंटर ने यह संकेत दिया है कि पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रही है।
हाल ही में 29 अप्रैल को सुल्तानगंज नगर परिषद गोलीकांड के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को STF ने मुठभेड़ में मार गिराया। आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दिनदहाड़े नगर परिषद कार्यालय में घुसकर कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या कर दी थी, जबकि सभापति गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इसके अलावा सीवान में पूर्व एमएलसी के भांजे की हत्या में शामिल अपराधी छोटू कुमार यादव को मुठभेड़ के दौरान दोनों पैरों में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया। वहीं 17 मार्च को मोतिहारी के चकिया इलाके में STF ने कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे को एनकाउंटर में मार गिराया था। इस कार्रवाई में STF जवान श्रीराम यादव गंभीर रूप से घायल हुए थे और बाद में शहीद हो गए।
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6 फरवरी को वैशाली के हाजीपुर में भी STF ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 से अधिक मामलों में वांछित और दो लाख रुपये के इनामी अपराधी प्रिंस उर्फ अभिजीत को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था।
STF की कार्रवाई केवल एनकाउंटर तक सीमित नहीं रही। पिछले चार महीनों में 38 इनामी अपराधियों समेत कुल 730 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें नक्सली गतिविधियों और संगठित अपराध से जुड़े कई बड़े अपराधी शामिल हैं। इसके अलावा बिहार से बाहर छिपे 21 और अन्य राज्यों से 17 अपराधियों को भी गिरफ्तार कर बिहार लाया गया है।
गिरफ्तार अपराधियों में राजीव कुमार उर्फ सूर्या डॉन, प्रह्लाद कुमार और नीतीश कुमार जैसे कई कुख्यात नाम शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी सूरत में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।