नीतीश युग का अंत, सीमित मंत्रिमंडल के साथ काम शुरू; नए विस्तार में पुराने चेहरों की बहुलता संभव
पटना,
बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही सियासी दौर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दो दशक लंबे कार्यकाल के बाद Nitish Kumar की विदाई हो चुकी है और पहली बार राज्य में भाजपा कोटे से Samrat Choudhary मुख्यमंत्री बने हैं। शपथ ग्रहण के बाद से ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं।
सीमित मंत्रिमंडल के साथ शुरुआत
नई सरकार में फिलहाल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री—Vijay Kumar Chaudhary और Bijendra Prasad Yadav—ने शपथ ली है। अभी मंत्रिमंडल में कुल तीन ही सदस्य हैं और विभागों का बड़ा हिस्सा मुख्यमंत्री के पास है।
4 मई के बाद विस्तार संभव
सूत्रों के अनुसार, सम्राट कैबिनेट का विस्तार 4 मई के बाद होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनाव के कारण भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी वहां प्रचार में व्यस्त हैं, जिससे विस्तार में देरी हो रही है। वर्तमान में मुख्यमंत्री के पास 29 विभाग, जबकि उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी के पास 10 और बिजेंद्र यादव के पास 8 विभागों की जिम्मेदारी है।
पुराने चेहरों पर रहेगा भरोसा
सूत्रों की मानें तो नए मंत्रिमंडल में करीब 70 प्रतिशत चेहरे पुराने ही रहेंगे, जो पूर्व सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वहीं 30 प्रतिशत नए चेहरों को जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के आधार पर जगह दी जाएगी। कई मंत्रियों के विभागों में बदलाव भी संभव है। स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, जल संसाधन और वित्त जैसे अहम विभाग अनुभवी नेताओं के पास ही बने रह सकते हैं।
सहयोगी दलों को भी मिलेगा मौका
मंत्रिमंडल विस्तार में सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), राष्ट्रीय लोक मोर्चा और ‘हम’ पार्टी को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। जदयू कोटे से अधिकांश मंत्री पुराने चेहरों में से ही चुने जाने की संभावना जताई जा रही है।
‘दो विभाग’ फॉर्मूले पर विचार
सरकार ‘दो विभाग’ के फॉर्मूले पर काम कर सकती है, जिसके तहत भाजपा कोटे के मंत्रियों को अधिकतम दो विभाग दिए जाएंगे। हालांकि, प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए यह जिम्मेदारी अनुभवी नेताओं को ही सौंपी जा सकती है।
नई सरकार के इस शुरुआती दौर में अब सबकी नजरें कैबिनेट विस्तार पर टिकी हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति की नई दिशा तय होगी।
@MUSKAN KUMARI







