लोकसभा के आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया गया है। संसदीय कार्यमंत्री Kiren Rijiju द्वारा प्रस्ताव रखे जाने के बाद लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने सदन में सहमति बनने पर सभी आठ सांसदों का निलंबन तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की घोषणा की। इसके साथ ही अब ये सभी सांसद संसद के बजट सत्र में हिस्सा ले सकेंगे।
इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को सदन की मर्यादा और अनुशासन बनाए रखने की नसीहत भी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सदन के भीतर तख्तियां, बैनर और एआई जनित तस्वीरों के इस्तेमाल की सख्त मनाही है और सभी सांसदों को इसका ध्यान रखना चाहिए।
इससे पहले संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार या सत्तापक्ष किसी भी सांसद को जानबूझकर सदन की कार्यवाही से बाहर नहीं रखना चाहता। उन्होंने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं चर्चा के दौरान महाराष्ट्र से सांसद Supriya Sule ने असहमति की आवाज दबाए जाने को लेकर चिंता भी जाहिर की।
इन सांसदों को किया गया था निलंबित
निलंबित किए गए सांसदों में डीन कुरियाकोस, किरण रेड्डी, अमरिंदर सिंह राजा वड़िग, मणिकम टैगौर, गुरजीत औजला, हिबी इडेन, वेंकेट रमन और प्रशांत पडोले शामिल थे।
कैसे रद्द हुआ निलंबन?
कांग्रेस सांसद K. Suresh ने सदन में आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकसभा की कार्यवाही में सहयोग करने को तैयार है, लेकिन उसे अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए।
इस अपील का समर्थन करते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद Dharmendra Yadav ने कहा कि सत्ता पक्ष को भी सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। इसके बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सदन के सुचारू संचालन के लिए एक ‘लक्ष्मण रेखा’ तय होना जरूरी है।
क्यों हुआ था निलंबन?
गौरतलब है कि 3 फरवरी को संसद में हंगामे के दौरान कुछ सांसदों ने नारेबाजी करते हुए स्पीकर के आसन की ओर कागज फेंके थे। इस घटना को सदन की मर्यादा के खिलाफ मानते हुए सख्त कार्रवाई की गई और संबंधित सांसदों को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया था।
कैसे हुई थी कार्रवाई?
तीन फरवरी को दोपहर तीन बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर पीठासीन स्पीकर ने कहा कि आसन की ओर कागज फेंकने वाले सांसदों के नाम दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी थी।
@MUSKAN KUMARI







