पटना: बिहार में BPSC TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। अभ्यर्थी जहां एक लाख से अधिक पदों पर भर्ती की मांग कर रहे हैं, वहीं शिक्षा विभाग की ओर से करीब 44 हजार पदों पर ही बहाली की बात कही जा रही है। इसी बीच बीपीएससी द्वारा जारी किए गए कैलेंडर में टीआरई-4 से जुड़ी कोई जानकारी शामिल नहीं होने से अभ्यर्थियों में फिर से नाराजगी देखने को मिली है।
मंगलवार को जब मीडियाकर्मियों ने इस मुद्दे पर बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से सवाल किया तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और बिना प्रतिक्रिया दिए वहां से निकल गए। मंत्री की इस चुप्पी ने अभ्यर्थियों के बीच और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
दरअसल, बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय पार्ट-3’ के तहत आयोजित “उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य” कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच है कि राज्य में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाकर छात्रों का भविष्य उज्ज्वल बनाया जाए।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि सात निश्चय-3 का एक अहम उद्देश्य राज्य के शैक्षणिक संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करना है। इसके तहत संस्थानों में नवाचार, रिसर्च और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, कॉलेजों के प्राचार्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए हैं, जो अपने सुझाव दे रहे हैं। इन सुझावों के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
हालांकि कार्यक्रम के दौरान BPSC TRE-4 को लेकर पूछे गए सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी।
@MUSKAN KUMARI






