
पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। मामले की गंभीरता और बढ़ते सवालों को देखते हुए बिहार सरकार ने इसकी जांच अब Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी है। इस फैसले के साथ ही प्रकरण ने एक नया मोड़ ले लिया है।
पुलिस के शुरुआती खुलासे
पटना पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है कि पीड़िता के परिजनों की ओर से पहले चरण में मामला दबाने और प्राथमिकी दर्ज न कराने की कोशिश की गई थी। हालांकि, अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की।
CCTV फुटेज और हॉस्टल की गतिविधियां
कार्तिकेय शर्मा, एसएसपी पटना, ने बताया कि हॉस्टल के CCTV फुटेज को विशेष जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया था। लैब रिपोर्ट में फुटेज से किसी भी तरह की छेड़छाड़ से इनकार किया गया है।
फुटेज के अनुसार—
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छात्रा 5 तारीख को अपनी एक सहेली के साथ हॉस्टल पहुंची थी।
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उसी रात वह केवल दो बार, वह भी दो-दो मिनट के लिए कमरे से बाहर निकली।
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इसके बाद वह पूरी रात कमरे के अंदर ही रही।
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अगली सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर वार्डन, अन्य छात्राओं और गार्ड की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया।
CBI जांच से क्या उम्मीद
अब जब जांच CBI को सौंपी जा चुकी है, तो उम्मीद है कि—
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मौत के कारणों की स्वतंत्र और गहन जांच होगी
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हॉस्टल प्रशासन की भूमिका और संभावित लापरवाही की परतें खुलेंगी
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परिजनों के शुरुआती रुख और परिस्थितियों की निष्पक्ष समीक्षा होगी
यह मामला सिर्फ एक छात्रा की मौत का नहीं, बल्कि कोचिंग सिटी पटना में छात्राओं की सुरक्षा, मानसिक दबाव और हॉस्टल व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े करता है। CBI जांच के नतीजों पर अब पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं।
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)







