बिहार के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के कथित मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सारण के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अजीत अमर हरिजन के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के आरोपों की जांच के तहत EOU की टीम ने सारण, सिवान और सहरसा में कार्रवाई की, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
जांच के दौरान अधिकारियों ने सरकारी और निजी आवासों के साथ-साथ कार्यालयों में बैंक खातों, जमीन-जायदाद के दस्तावेज, निवेश से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय कागजात खंगाले। कार्रवाई सारण के गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास, सिवान के रानीबारी गांव स्थित पैतृक घर, सहरसा स्थित शिक्षा विभाग के कार्यालय और निजी आवास पर की गई।

EOU की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करीब 32 महीने के कार्यकाल के दौरान अजीत अमर हरिजन को वेतन के रूप में लगभग 27.43 लाख रुपये मिले, जबकि इसी अवधि में उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों में करीब 2.51 करोड़ रुपये का लेन-देन दर्ज हुआ। जांच एजेंसियों का मानना है कि वेतन की तुलना में यह रकम कई गुना अधिक है, जिससे आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार की आशंका मजबूत हुई है।
बताया जा रहा है कि करीब एक महीने पहले गठित विशेष जांच समिति ने संदिग्ध लेन-देन और संपत्तियों से जुड़ी रिपोर्ट सारण के जिलाधिकारी को सौंपी थी। अब EOU इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि करोड़ों रुपये की यह राशि किन स्रोतों से आई और इसका उपयोग कहां किया गया। मामले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
@MUSKAN KUMARI






