कानपुर। करोड़पति कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। पुलिस जांच में कारोबारी की पत्नी पुनीता मनोचा की वर्ष 2022 में तैयार कराई गई वसीयत, आरोपियों के मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल और घटनास्थल से जुड़े CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है।
वसीयत भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान विनीत की पत्नी पुनीता मनोचा की जून 2022 में तैयार की गई वसीयत का दस्तावेज रजिस्ट्री कार्यालय से मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वसीयत में संपत्ति किसके नाम की गई थी और उसका हत्याकांड से कोई संबंध है या नहीं।
पुलिस के मुताबिक, इस दस्तावेज को भी हत्या के पीछे संभावित कारणों की जांच का हिस्सा बनाया गया है।
हत्या के बाद दोस्त को किया फोन
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी विशाल ने नया सिम बंद कर दिया और इसके बाद नए नंबर से उबर कैब बुक की। रात करीब 11:38 बजे उसने मीरपुर कैंट निवासी अपने दोस्त नैतिक वर्मा उर्फ किशन को फोन किया। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई।
जांच एजेंसियां इस कॉल और उसके बाद विशाल की गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं।
कपल किटी पार्टी की चार घंटे की रिकॉर्डिंग कब्जे में
पुलिस ने तिलक नगर स्थित कॉस्मोपॉलिटन लाउंज में हुई कपल किटी पार्टी की करीब चार घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कब्जे में ली है। पुलिस इस रिकॉर्डिंग को जांच का अहम हिस्सा मानकर देख रही है।
पहले एक आरोपी के फ्लैट में जाने की योजना थी
पूछताछ में पुलिस के सामने कथित तौर पर यह बात आई कि शुरुआत में एक आरोपी के फ्लैट में जाने और दूसरे आरोपी के बाहर निगरानी करने की योजना थी। हालांकि, पुलिस के मुताबिक विनीत के मजबूत शरीर को देखते हुए आरोपियों ने साथ अंदर जाने का फैसला किया।
पुलिस ने विशाल, शालू और राजकिशोर के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली है। पुलिस का दावा है कि इससे घटना से पहले आरोपियों की गतिविधियों और आपसी संपर्क की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली।
हत्या से दो दिन पहले खरीदा गया नया सिम
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के मुताबिक, विशाल ने हत्या से दो दिन पहले 3 सितंबर को नया सिम खरीदा था। इसके लिए उसने शिवम नाम के आधार कार्ड को पहचान पत्र के तौर पर इस्तेमाल किया।
पुलिस के अनुसार, 3 से 6 सितंबर के बीच विशाल ने शालू से सात और सुबह से छह बार फोन पर बातचीत की। वहीं कॉल डिटेल में 1 मई से 6 सितंबर के बीच विशाल और राजकिशोर के बीच 21 बार बातचीत का रिकॉर्ड सामने आने की बात कही गई है।
घटना वाली रात की टाइमलाइन भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर की रात सोसायटी में दाखिल होने के बाद नौकर विशाल और उसका साथी राजकिशोर करीब 48 मिनट तक अपार्टमेंट परिसर में घूमते रहे और इस दौरान मोबाइल पर तीन बार बातचीत हुई।
इसके बाद रात 8:46 बजे विशाल और राजकिशोर कारोबारी की बहू शालू के कहने पर गजरा लेकर पहुंचे। रात करीब 9:38 बजे दोनों अपार्टमेंट में दाखिल हुए। करीब 9:50 बजे शालू को सामान देने के बाद दोनों परिसर में घूमते रहे।
रात 10:38 बजे दोनों डुप्लीकेट चाबी से विनीत के फ्लैट में दाखिल हुए। करीब 20 मिनट बाद कारोबारी के घर पहुंचने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, कमरे से आहट सुनाई देने के बाद वहां मौजूद दोनों आरोपियों के बीच संघर्ष हुआ और रात करीब 11:28 बजे दोनों फ्लैट से बाहर निकलते CCTV में कैद हुए।
तीन आरोपी कोर्ट में पेश, रिमांड की मांग
पुलिस ने बहू शालू, नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को एसीजेएम प्रदीप कुमार शुक्ला की अदालत में पेश किया। मामले को एसीजेएम कोर्ट में ट्रांसफर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
विवेचक के मुताबिक कारोबारी के फ्लैट की चार चाबियां थीं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो चाबियां और पार्क चौक से आरोपियों द्वारा बनवाई गई डुप्लीकेट चाबी बरामद करने की बात कही है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ के लिए 24 घंटे की रिमांड मांगी है। वहीं कारोबारी के बेटे सुब्रत से क्रॉस एग्जामिनेशन के लिए भी रिमांड की मांग किए जाने की जानकारी है। मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होने की बात सामने आई है।
नोट: उपरोक्त विवरण उपलब्ध सामग्री में बताए गए पुलिस के दावों और जांच से जुड़ी जानकारी पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)








