शिवहर और आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। हर साल नेपाल से आने वाली नदियों के उफान और कटाव की मार झेलने वाले इस क्षेत्र में अब बाढ़ नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बेलवा क्षेत्र में बागमती नदी के किनारे बन रहा महत्वाकांक्षी डैम प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
जानकारी के अनुसार, बागमती नदी की पुरानी धारा की उड़ाही और लिंक चैनल निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रशासन ने इस महीने के अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद अगले महीने से डैम के जरिए नियंत्रित जल प्रवाह शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
जिलाधिकारी प्रतिभा रानी की लगातार निगरानी और प्रयासों के कारण इस वर्ष मानसून में जिलेवासियों को बाढ़ और कटाव से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। डीएम के मुताबिक, डैम का फाटक खुलने के बाद नदी का पानी नियंत्रित तरीके से पुरानी धारा में बहने लगेगा, जिससे बाढ़ की तीव्रता कम होगी और कटाव पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

यह परियोजना केवल शिवहर तक सीमित नहीं है। इसका लाभ मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण जैसे जिलों को भी मिलने की संभावना है। योजना के तहत बागमती नदी के पानी को नियंत्रित कर गंडक नदी से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न स्थानों पर स्लूइस गेट बनाए जा रहे हैं, ताकि जरूरत के अनुसार पानी को रोका और छोड़ा जा सके।
कृषि क्षेत्र के लिए भी यह परियोजना बेहद अहम मानी जा रही है। हर साल बाढ़ और कटाव से किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती थीं, लेकिन अब नियंत्रित जल प्रवाह से सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत वर्ष 2020 में तत्कालीन जिलाधिकारी के कार्यकाल में हुई थी, जिसे अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों में इस योजना को लेकर उत्साह है और इसे बाढ़ से स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि परियोजना की वास्तविक सफलता इसके प्रभावी संचालन और नियमित रखरखाव पर निर्भर करेगी। यदि यह योजना सफल साबित होती है, तो बिहार में बाढ़ प्रबंधन के लिए यह एक मॉडल प्रोजेक्ट बन सकती है।
@MUSKAN KUMARI






