अयोध्या: राम मंदिर दान चोरी मामले के सामने आने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने VIP और सुगम दर्शन पास जारी करने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। ट्रस्ट ने अब VIP और सुगम दर्शन पास की सिफारिश और मंजूरी की जिम्मेदारी महंत दिनेन्द्र दास को सौंप दी है। इसके साथ ही उनकी सिस्टम आईडी सक्रिय कर दी गई है, जबकि पहले यह अधिकार रखने वाले चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की सिस्टम आईडी निष्क्रिय कर दी गई है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, सुगम और विशिष्ट (VIP) दर्शन पास जारी करने के लिए अधिकृत ट्रस्टी की सिफारिश अनिवार्य होती है। इसके लिए प्रत्येक अधिकृत ट्रस्टी को एक यूनिक सिस्टम आईडी उपलब्ध कराई जाती है, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन पास की अनुशंसा और स्वीकृति दी जाती है। अब यह पूरी प्रक्रिया महंत दिनेन्द्र दास की सिफारिश के आधार पर संचालित होगी।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच जारी है। जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले के आरोपी टिन्नू यादव पर VIP पास प्रणाली के कथित दुरुपयोग का आरोप है। आरोप है कि विशेष दर्शन पास जारी कराने की व्यवस्था का इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में VIP पास जारी कराए गए। जांच में कुछ अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और किसी भी अदालत ने इस संबंध में किसी की आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं की है।

दान चोरी मामले में आठ गिरफ्तार
दान चोरी मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने के बावजूद मंदिर में दान की गिनती का कार्य नियमित रूप से जारी है। बैंकिंग सूत्रों के मुताबिक फिलहाल नई भर्ती नहीं की गई है, लेकिन उपलब्ध कर्मचारियों के माध्यम से व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कम वेतन के कारण आउटसोर्स कर्मचारियों का आना-जाना सामान्य प्रक्रिया है और इससे दान की गिनती की व्यवस्था पर कोई विशेष असर नहीं पड़ा है।
ट्रस्ट का कहना है कि VIP दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया में किए गए इस बदलाव से व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की आशंका को कम किया जा सकेगा।
@MUSKAN KUMARI





