मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया क्षेत्र में एक अल्ट्रासाउंड सेंटर का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग बताने के बदले तीन हजार रुपये की मांग किए जाने की बातचीत सुनाई दे रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह केसरिया स्थित मां वैष्णो अल्ट्रासाउंड सेंटर का है। हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें किए जा रहे दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

बताया जा रहा है कि वीडियो में एक गर्भवती महिला के परिजन अल्ट्रासाउंड कराने के लिए केंद्र पर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान परिजन कथित तौर पर भ्रूण का लिंग बताने के लिए दो हजार रुपये देने की बात करते हैं, जबकि केंद्र में मौजूद कर्मी कथित रूप से तीन हजार रुपये लेने और जांच के बाद लड़का या लड़की बताए जाने की बात करता सुनाई देता है।
वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रसव पूर्व भ्रूण लिंग निर्धारण पर लगे कानूनी प्रतिबंध का गंभीर उल्लंघन होगा। देश में भ्रूण के लिंग की जांच और जानकारी देने पर रोक है, जिसका उद्देश्य लिंग आधारित भेदभाव और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकना है।

सोशल मीडिया पर केसरिया, अरेराज और मोतिहारी के कुछ अन्य अल्ट्रासाउंड केंद्रों को लेकर भी इस तरह के दावे किए जा रहे हैं, हालांकि इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो प्रतिबंधित गतिविधियां आखिर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी से कैसे बचती रहीं? अब सभी की निगाहें वायरल वीडियो की जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
@MUSKAN KUMARI






