पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है। अस्पताल में पहले से कार्यरत गोस्वामी सिक्योरिटी के गार्डों ने नई एजेंसी इंटेलीजेंस सिक्योरिटी सर्विस ऑफ इंडिया के नव-तैनात सुरक्षा कर्मियों का विरोध करते हुए उन्हें परिसर से हटाने की कोशिश की। इस दौरान अस्पताल परिसर में नारेबाजी और हंगामे की स्थिति बन गई।
विरोध कर रहे गार्डों का कहना है कि वे वर्ष 2017 से अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और कोरोना महामारी जैसे कठिन दौर में भी जोखिम उठाकर लगातार ड्यूटी निभाई थी। गार्डों के प्रतिनिधि अवध किशोर पांडेय ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था के तहत पुराने कर्मचारियों के भविष्य को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

प्रदर्शनकारी गार्डों का दावा है कि इस बदलाव से करीब 400 सुरक्षा कर्मी प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि नई एजेंसी स्थानीय स्तर पर कार्यालय स्थापित करे और पुराने कर्मचारियों को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया संचालित करे। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया जाता, उनका विरोध जारी रहेगा।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल इस मामले में संबंधित एजेंसियों और प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
@MUSKAN KUMARI





