बिहार की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला, जब ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। पटना के लोकभवन में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर एनडीए के कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
यह बिहार के राजनीतिक इतिहास का एक अहम क्षण माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता राज्य के मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुआ है। इससे पहले ने अपने पद से इस्तीफा देकर नई सियासी परिस्थितियों का मार्ग प्रशस्त किया था। उनके इस्तीफे के बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को नेता चुना गया।
नई सरकार में सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को भी अहम भूमिका दी गई है। जदयू कोटे से और ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जिससे गठबंधन में संतुलन बनाए रखने का स्पष्ट संकेत मिला है।
शपथ ग्रहण के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी तेज हो गया। भाजपा नेताओं ने इसे “डबल इंजन सरकार” की मजबूती और विकास के नए युग की शुरुआत बताया, वहीं जदयू नेताओं ने भरोसा जताया कि गठबंधन मिलकर राज्य में स्थिरता और तेज विकास सुनिश्चित करेगा। दूसरी ओर विपक्ष ने इस बदलाव को “राजनीतिक प्रयोग” करार देते हुए नई सरकार के कामकाज पर कड़ी नजर रखने की बात कही है।
सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी नई सरकार से अब बिहार में प्रशासनिक बदलाव, विकास कार्यों में तेजी और राजनीतिक समीकरणों में नए संतुलन की उम्मीद की जा रही है। यह शपथ न केवल सत्ता परिवर्तन का संकेत है, बल्कि राज्य की सियासत में एक नए अध्याय की शुरुआत भी मानी जा रही है।
@MUSKAN KUMARI







