पटना: बिहार में कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों की जांच अब लोगों के घर तक पहुंचकर की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत की मौजूदगी में ‘जाँच एवं उपचार–चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान का शुभारंभ किया।
30 नवंबर तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। अभियान में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर, हृदय रोग, सांस और फेफड़ों की बीमारियों के साथ फैटी लिवर की भी जांच की जाएगी। बीमारी की पहचान होने पर मरीजों को दवा, चिकित्सकीय परामर्श, इलाज और जरूरत पड़ने पर रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

यह अभियान बिहार के सभी 38 जिलों में करीब 14,500 स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बीमारी गंभीर होने के बाद इलाज करने के बजाय समय रहते उसकी पहचान कर उपचार शुरू करना है।
कार्यक्रम के दौरान एनीमिया की समस्या पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब एक करोड़ महिलाओं और बच्चियों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में एनीमिया की चुनौती को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर जांच और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

सम्राट चौधरी ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का दावा करते हुए कहा कि जिला अस्पतालों में इलाज और ऑपरेशन की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। सरकार डॉक्टरों और नर्सों की बहाली पर भी जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में स्वास्थ्य केंद्रों और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए ‘मिशन कायाकल्प’ को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार के करीब 6 करोड़ लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग कर उनका डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार करना है।
@MUSKAN KUMARI





