बिहार सरकार ने अवैध खनन और खनिज माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। खान एवं भूविज्ञान विभाग राज्यभर में खनन गतिविधियों की निगरानी के लिए 1000 खनन कांस्टेबलों की विशेष टीम का गठन करेगा। यह टीम अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी नजर रखेगी।
इसी अभियान के तहत विभाग ने बेगूसराय के खनिज विकास पदाधिकारी को लापरवाही के आरोप में पद से हटाकर पटना मुख्यालय में प्रतिनियुक्त कर दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खनन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या जिम्मेदारी से बचने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खनन विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अपनी जिम्मेदारी निभाने में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाने के लिए अब राज्य की सीमाओं से गुजरने वाले खनिज वाहनों में GPS ट्रैकिंग अनिवार्य की जाएगी। इससे वाहनों की आवाजाही पर रियल-टाइम निगरानी रखी जा सकेगी और खनिज चोरी व अवैध ढुलाई पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
वहीं, वैध खनन को बढ़ावा देने और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से नवादा जिले में पत्थर खनन के लिए आठ नए टेंडर जारी किए गए हैं। सरकार का कहना है कि नई रणनीति के जरिए एक ओर खनन माफियाओं पर नकेल कसी जाएगी, तो दूसरी ओर वैध खनन को प्रोत्साहित कर राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी की जाएगी।
@MUSKAN KUMARI






