
सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि रिकॉर्ड स्तर की मांग के बावजूद राज्य के किसी भी हिस्से में बिजली संकट की स्थिति नहीं बनी। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई। अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि मजबूत ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था के साथ-साथ तकनीकी प्रबंधन और कर्मियों की सतर्कता का परिणाम है।
ऊर्जा सचिव सह सीएमडी, बीएसपीएचसीएल अजय यादव ने इस उपलब्धि पर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग राज्य में आर्थिक गतिविधियों, औद्योगिक विकास और लोगों के जीवन स्तर में सुधार का प्रतीक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिकॉर्ड केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बिहार के बदलते आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य का प्रतीक है। आने वाले वर्षों में ऊर्जा की मांग और बढ़ने की संभावना को देखते हुए विभाग पहले से ही आवश्यक तैयारियों में जुटा हुआ है।
@MUSKAN KUMARI





