पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर सत्ता और अपराध के रिश्ते को लेकर बहस तेज हो गई है। लोकतांत्रिक सुधार संघ (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच की ताजा रिपोर्ट ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के लगभग आधे मंत्रियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अधिकांश मंत्री करोड़पति हैं।
सात मई को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद 35 में से 31 मंत्रियों के चुनावी हलफनामों का विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि 15 मंत्रियों यानी करीब 48 फीसदी ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इनमें से 9 मंत्रियों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। इस खुलासे के बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे “दागियों की सरकार” करार दिया है। वहीं सत्ता पक्ष ने रिपोर्ट को राजनीतिक साजिश बताते हुए आरोपों को खारिज किया है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 31 में से 28 मंत्री करोड़पति हैं। औसतन हर मंत्री के पास 6.32 करोड़ रुपये की संपत्ति है। भाजपा के रमा निषाद सबसे अमीर मंत्री बताए गए हैं, जिनकी घोषित संपत्ति 31.86 करोड़ रुपये है। वहीं लोजपा (रामविलास) के संजय कुमार ने सबसे कम 22.30 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की।
महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी तस्वीर संतोषजनक नहीं दिखी। 35 सदस्यीय मंत्रिमंडल में सिर्फ 5 महिला मंत्री हैं। वहीं 71 फीसदी मंत्री ग्रेजुएट या उससे अधिक शिक्षित हैं।
@MUSKAN KUMARI



