कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची के कथित रेप और हत्या मामले को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। मामले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा निकाले गए विरोध मार्च के दौरान जमकर हंगामा हुआ। रैली में कथित तौर पर अंडे फेंके जाने और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए जाने का दावा किया गया, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
तृणमूल कांग्रेस ने बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ तक विरोध मार्च निकाला था। इस दौरान कथित तौर पर बीजेपी और टीएमसी की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और झड़प में बदल गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।
करीब तीन किलोमीटर लंबे जुलूस के दौरान कई स्थानों पर तनाव की स्थिति बनी रही। हाजरा क्रॉसिंग, जो मुख्यमंत्री आवास के पास स्थित है, वहां हालात सबसे अधिक तनावपूर्ण रहे। पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर स्थिति पर काबू पाया।

इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने कालीघाट स्थित आवास से बाहर आईं और कार्यकर्ताओं को शांत कराने की कोशिश करती दिखीं। सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों में आरोप लगाया गया कि उन्होंने गुस्से में एक पार्टी कार्यकर्ता को थप्पड़ मार दिया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने घटना को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। वहीं, टीएमसी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए अपना अलग पक्ष रखा है। बारुईपुर कांड के विरोध से शुरू हुआ यह आंदोलन अब राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है।
@MUSKAN KUMARI






