पटना: बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) चुनावी चुनौती के साथ-साथ अंदरूनी असंतोष का भी सामना करता नजर आ रहा है। एक ओर पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव यूरोप दौरे पर हैं, तो दूसरी ओर टिकट बंटवारे को लेकर उठे सवालों ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष भी तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी को लेकर लगातार निशाना साध रहा है।
बांकीपुर सीट से RJD ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन इस फैसले पर पार्टी के भीतर ही असहमति के स्वर सुनाई दिए। सांसद सुरेंद्र यादव ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि वह उम्मीदवार को जानते तक नहीं हैं। वहीं, वरिष्ठ नेता भाई वीरेंद्र ने भी टिकट चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए संगठन के भीतर असंतोष के संकेत दिए।
इधर, तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल (JJD) ने वीणा मानवी को मैदान में उतारकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। इससे विपक्षी वोटों के बंटवारे की संभावना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

इस बीच लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया के जरिए पार्टी के भीतर की नाराज़गी जाहिर की। उन्होंने सारण के प्रवक्ता हरेलाल यादव के निष्कासन का विरोध करते हुए कुछ नेताओं पर पार्टी को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि वह गलत के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाती रहेंगी।
वहीं, RJD के स्थापना दिवस समारोह के दौरान प्रदेश प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव और अरुण कुमार उर्फ कल्लू मुखिया के बीच मंच पर हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी में गुटबाज़ी की चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है।
बांकीपुर उपचुनाव में अब भाजपा के अभिषेक कुमार उर्फ बंटी, जन सुराज के प्रशांत किशोर, RJD की रेखा गुप्ता, RLJP के तनवीर आलम और अन्य उम्मीदवारों के बीच बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि RJD के भीतर असंतोष और सार्वजनिक बयानबाज़ी का दौर जारी रहा, तो इसका असर चुनावी रणनीति, कार्यकर्ताओं के मनोबल और वोटों के समीकरण पर पड़ सकता है। ऐसे में बांकीपुर उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक तस्वीर और विपक्ष की संगठनात्मक क्षमता की भी बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
@MUSKAN KUMARI






