मुजफ्फरपुर में बीजेपी विधायक और युवक के बीच टकराव ने बढ़ाया राजनीतिक तापमान
मुजफ्फरपुर से सामने आए एक हाई-वोल्टेज विवाद ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर बीजेपी विधायक रंजन कुमार और स्थानीय युवक मुकुंद तिवारी के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट, खून-खराबे और पुलिस केस तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्ष ने भी सरकार और पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोप है कि नगर विधायक रंजन कुमार अपने 50 से 60 समर्थकों के साथ कनहौली निवासी मुकुंद तिवारी के घर और दुकान पर पहुंचे। वहां पहले तीखी बहस हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। मुकुंद तिवारी का आरोप है कि विधायक ने आते ही पूछा, “हमरे खिलाफ क्या लिखता है?” इसके बाद गाली-गलौज हुई और समर्थकों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। युवक का दावा है कि हमले में उसका सिर फट गया, मोबाइल फोन तोड़ दिया गया और सोने की चेन भी छीन ली गई। घायल युवक की तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
दूसरी ओर विधायक रंजन कुमार ने खुद पर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मुकुंद तिवारी लगातार सोशल मीडिया पर उनकी राजनीतिक और निजी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा था। विधायक के मुताबिक युवक कई बार समझाने के बावजूद नहीं माना और निजी टिप्पणियों के जरिए चरित्र हनन करता रहा। विधायक ने यह भी दावा किया कि उन्हें जान से मारने और AK-47 से हमला करने तक की धमकी दी गई थी।
जानकारी के अनुसार, पहले मुकुंद तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी और गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन बाद में कोर्ट से उसे जमानत मिल गई। अब दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर सोशल मीडिया पोस्ट आपत्तिजनक थी तो क्या किसी जनप्रतिनिधि को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार है? राजनीतिक गलियारों में यह बहस तेज हो गई है कि क्या सत्ता के प्रभाव में कार्रवाई की गई।
विपक्ष ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर एनडीए सरकार और पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल यह मामला “पोस्ट बनाम पावर” की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है और अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
@MUSKAN KUMARI





