पटना। राजधानी पटना के समीप मंगलवार तड़के हुए एक भीषण सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश के एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में दर्शन-पूजन कर लौट रहे परिवार की तेज रफ्तार कार पटना-बख्तियारपुर फोरलेन पर अंडरपास की दीवार से टकरा गई। हादसे में मां और बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के फाजिलनगर थाना क्षेत्र के गराहिया गांव निवासी परिवार देवघर से पूजा-अर्चना कर कार से वापस घर लौट रहा था। मंगलवार सुबह करीब 3:45 बजे एनएच-31 पर बख्तियारपुर से लगभग पांच किलोमीटर पश्चिम होटल महाविहार के समीप कार अचानक अनियंत्रित हो गई और अंडरपास की मजबूत दीवार से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
हादसे में 52 वर्षीय फूलमती देवी और उनके 30 वर्षीय पुत्र उपेंद्र सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दोनों मां-बेटे थे। वहीं उपेंद्र की पत्नी निक्की देवी, बच्चे काजल और वीर, रेणु देवी, रुक्मिणी देवी, तीन वर्षीय पायल, संजना सिंह तथा चालक एजाज सिद्दीकी गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायल निक्की देवी ने बताया कि यात्रा के दौरान परिवार के लोग चालक को आराम करने की सलाह दे रहे थे, लेकिन उसने गाड़ी चलाते रहने की बात कही। आशंका जताई जा रही है कि चालक को नींद की झपकी आने के कारण कार अनियंत्रित हो गई और सीधे अंडरपास की दीवार से जा टकराई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में भी चालक की झपकी को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को बख्तियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना के एनएमसीएच रेफर कर दिया गया। वहीं, बख्तियारपुर थाना पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान थकान और नींद को नजरअंदाज करने के खतरों को उजागर कर दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
@MUSKAN KUMARI






