छपरा: सारण जिले के लिए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। सदर प्रखंड के माला गांव में जय प्रकाश विश्वविद्यालय परिसर स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल (GMCH) को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। NMC के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने 3 सितंबर 2026 को लेटर ऑफ परमिशन (LOP) जारी किया है।
मंजूरी मिलने के बाद अब मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से MBBS की 50 सीटों पर वार्षिक नामांकन का रास्ता साफ हो गया है। शुरुआती चरण में तकनीकी कारणों से 1 जुलाई 2026 को कॉलेज का आवेदन अस्वीकार कर दिया गया था। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन और प्रशासन की ओर से प्रभावी अपील की गई। दूसरी अपील समिति के सकारात्मक निर्णय के बाद आवश्यक मानकों को पूरा करते हुए आखिरकार 3 सितंबर को अनुमति पत्र जारी कर दिया गया।

सारण प्रमंडल मुख्यालय छपरा में सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू होने से स्थानीय छात्र-छात्राओं को बड़ा लाभ मिलेगा। अब उन्हें मेडिकल शिक्षा के लिए पटना, अन्य बड़े शहरों या दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर MBBS की पढ़ाई का अवसर मिलने से छात्रों के समय और संसाधनों की बचत होगी और क्षेत्र के युवाओं के लिए डॉक्टर बनने का सपना पूरा करना आसान होगा।

वहीं, मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के संचालन से आसपास के ग्रामीण और शहरी इलाकों के मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। संस्थान में भविष्य में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है।
सारण के विकास में मील का पत्थर
GMCH छपरा की शुरुआत को जिले के लिए लंबे समय से देखे जा रहे सपने के पूरा होने के रूप में देखा जा रहा है। 50 MBBS सीटों के साथ संस्थान की शुरुआत चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी मजबूती दे सकती है। इससे छपरा और आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के नए केंद्र के रूप में विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।
@MUSKAN KUMARI





