पटना: बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सम्राट चौधरी सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से अपराधियों के खिलाफ पुलिस को फ्री हैंड देने और कठोर कार्रवाई की खुली छूट दिए जाने के बाद राज्य में प्रशासनिक सख्ती साफ दिखाई देने लगी है।
सरकार की रणनीति के तहत ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ और एनकाउंटर जैसी कार्रवाईयों के जरिए हिंसा और आपराधिक गतिविधियों में शामिल अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। प्रशासन द्वारा 48 घंटे के भीतर जवाब देने का अल्टीमेटम भी अधिकारियों और अपराधियों दोनों के लिए सख्त संदेश माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन कदमों से अपराधियों के बीच डर का माहौल बना है और कानून व्यवस्था में सुधार देखने को मिल रहा है।
राजनीतिक गलियारों में भी सम्राट सरकार की कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पिछले एक महीने के भीतर लिये गये फैसलों से यह संकेत मिला है कि सम्राट चौधरी खुद को केवल राजनीतिक उत्तराधिकारी नहीं, बल्कि एक निर्णायक प्रशासक के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। विकास, सुशासन, महिला सुरक्षा, शिक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर सरकार लगातार सक्रिय नजर आ रही है।

हालांकि विपक्ष सरकार के इन दावों और फैसलों पर सवाल भी उठा रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाने होंगे। इसके बावजूद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सम्राट सरकार ने अपने शुरुआती कार्यकाल में ही विकास और सख्ती की नई राजनीतिक पटकथा लिखने की कोशिश शुरू कर दी है।
@MUSKAN KUMARI





