नई दिल्ली।
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश की सुरक्षा तैयारियों और आतंकवाद के खिलाफ रणनीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि भारत का उद्देश्य केवल “हंगामा खड़ा करना” नहीं, बल्कि दुश्मन की आतंकी क्षमताओं को निर्णायक रूप से खत्म करना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीनों सेनाओं के अधिकारियों ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव बताते हुए कहा कि इस अभियान ने आधुनिक युद्ध, संयुक्त सैन्य समन्वय और स्वदेशी रक्षा तकनीक की ताकत दुनिया के सामने रखी। अधिकारियों के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच अभूतपूर्व तालमेल देखने को मिला।
सरकार और सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत भविष्य के किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति जारी रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर सशस्त्र बलों की “साहस, सटीकता और संकल्प” के लिए सराहना की।
@MUSKAN KUMARI






