अनुभव और युवा जोश का संतुलन, सम्राट कैबिनेट की औसत उम्र 55.31 वर्ष

पटना: बिहार की नई सत्ता में अनुभव और युवा ऊर्जा का दिलचस्प संगम देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के नेतृत्व में गठित नए मंत्रिमंडल की औसत उम्र 55.31 वर्ष तय हुई है। इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार ने एक ओर अनुभवी नेताओं पर भरोसा कायम रखा है, तो दूसरी ओर युवा चेहरों को भी अहम जिम्मेदारी देकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।

सम्राट कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित कुल 35 मंत्री शामिल किए गए हैं, जबकि मंत्रिमंडल की पूर्ण संख्या 36 है। इस नई टीम में 39 वर्ष से कम उम्र के केवल दो मंत्री बनाए गए हैं। इनमें Deepak Prakash की उम्र 36 वर्ष है, जबकि सबसे कम उम्र की मंत्री Shreyasi Singh मात्र 35 वर्ष की हैं। माना जा रहा है कि युवा चेहरों को शामिल कर सरकार ने आने वाले चुनावों और नई पीढ़ी को साधने की रणनीति अपनाई है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद 57 वर्ष के हैं, यानी वे अपनी कैबिनेट की औसत उम्र से लगभग दो वर्ष अधिक हैं। उपमुख्यमंत्री Vijay Kumar Sinha 58 वर्ष के हैं, जबकि Nitish Mishra 53 और Mithilesh Tiwari 54 वर्ष के हैं।

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वहीं इस मंत्रिमंडल में सबसे वरिष्ठ चेहरा उपमुख्यमंत्री Bijendra Prasad Yadav हैं, जिनकी उम्र 79 वर्ष है। उनके बाद Ram Kripal Yadav 69 वर्ष के हैं। Vijay Kumar Chaudhary और Shravan Kumar भी 66 से 67 वर्ष की उम्र में सरकार के अहम स्तंभ बने हुए हैं।

महिला प्रतिनिधित्व की बात करें तो Rama Nishad 58 वर्ष, Leshi Singh 54 वर्ष और Sheela Mandal 56 वर्ष की हैं। वहीं पहली बार मंत्री बनीं Shweta Gupta 44 वर्ष की हैं।

इसके अलावा Nishant Kumar की उम्र 45 वर्ष है, जबकि Sanjay Singh 42 और Lakhendra Roshan 45 वर्ष के हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सम्राट चौधरी ने अपनी कैबिनेट में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के साथ उम्र का भी ऐसा समीकरण तैयार किया है, जिसमें अनुभव की स्थिरता और युवाओं की ऊर्जा दोनों को साथ लेकर चलने की स्पष्ट कोशिश दिखाई देती है।

@MUSKAN KUMARI

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Author: NCRLOCALDESK

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