एशियन टाइम्स स्पेशल रिपोर्ट
दिल्ली फिर शर्मसार: चलती बस में महिला से गैंगरेप का आरोप, ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार
रिपोर्ट: तनवीर आलम शेख
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। पश्चिमी दिल्ली के रानी बाग और नांगलोई इलाके से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने लोगों को 2012 के निर्भया कांड की दर्दनाक याद दिला दी है। आरोप है कि एक 30 वर्षीय महिला के साथ चलती प्राइवेट स्लीपर बस में गैंगरेप किया गया। मामले में पुलिस ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार पीड़िता फैक्ट्री में काम करती है और देर रात घर लौट रही थी। महिला ने आरोप लगाया कि उसने सड़क किनारे खड़े एक व्यक्ति से समय पूछा था, जिसके बाद उसे जबरन बस के अंदर खींच लिया गया। इसके बाद बस अलग-अलग इलाकों में घूमती रही और उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि घटना के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बस को भी जब्त कर लिया गया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले की जांच कई एंगल से की जा रही है।
महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। कई लोगों ने इसे “निर्भया केस के बाद भी सिस्टम की विफलता” बताया। विपक्षी नेताओं ने भी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि जिस बस में यह घटना हुई, वह बिहार से जुड़ी बताई जा रही है और उस पर पहले से कई चालान लंबित थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आखिर इतनी शिकायतों के बावजूद बस कैसे सड़कों पर चल रही थी।
समाज के लिए बड़ा सवाल
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि समाज और सिस्टम दोनों के लिए चेतावनी है। सवाल यह है कि आखिर राजधानी में महिलाएं कब सुरक्षित महसूस करेंगी? निर्भया कांड के बाद कानून तो सख्त हुए, लेकिन क्या जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई?
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि कड़े और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)






