लालू यादव को मिली नसीहत – नीतीश बाबू से बचके रहना, जानिये किसने दी राजद को ये नसीहत

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लालू यादव को मिला नसीहत - नीतीश बाबू से बचके रहना, जानिये किसने दी राजद को ये नसीहत

लालू प्रसाद यादव अपने बेटे तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने के नीतीश कुमार के झांसे में नहीं रहे. पिछले 10 सालों में नीतीश कुमार ने 7 दफे बिहार की जनता और नेताओं को धोखा दिया है. वे लालू यादव को ही दो दफे धोखा दे चुके हैं, भाजपा को दो दफे धोखा दिया, जीतन राम मांझी को धोखा दिया. अब अगर लालू यादव ये सोंच रहे हैं कि नीतीश कुमार चुपचाप कुर्सी छोड़ कर तेजस्वी को उस पर बिठा देंगे तो इससे बड़ी गलतफहमी और क्या हो सकती है.

विपक्षी पार्टी की ओऱ से मिली नसीहत

राजद सुप्रीमो लालू यादव को ये नसीहत विपक्षी पार्टी बीजेपी की ओर से मिली है. बीजेपी के नेता सुशील मोदी ने आज बयान दिया है. उन्होंने कहा कि लालू और राजद इस गलतफहमी में हैं कि नीतीश कुमार 2023 में कुर्सी छोड़ देंगे औऱ तेजस्वी सीएम बन जायेंगे. राजद इस गलतफहमी में नहीं रहे. नीतीश कुमार आज तक अपनी बात पर कभी कायम नहीं रहे हैं. किसी समझौते या पॉलिटिकल डीलिंग पर वे कायम नहीं रहे हैं. भले ही राजद से नीतीश कुमार ने डील किया होगा. लेकिन धोखा देना, विश्वासघात करना नीतीश कुमार की आदत है.

नीतीश कुमार की कुंडली

सुशील मोदी ने नीतीश कुमार की राजनीतिक कुंडली बतायी. उन्होंने कहा-नीतीश कुमार ने दो दफे खुद लालू प्रसाद यादव को धोखा दिया. बीजेपी को दो बार धोखा दिया. एक बार जीतन राम मांझी के साथ धोखा किया और तीन बार बिहार के जनादेश के साथ खिलवाड़ किया. 2010 में बिहार की जनता ने उन्हें बीजेपी के साथ सरकार चलाने के लिए वोट दिया था लेकिन 2013 में नीतीश बीजेपी का साथ छोड़ गये औऱ बाद में राजद से हाथ मिला लिया. 2014 में उन्होंने जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया लेकिन 2015 के जनवरी में जबरन उन्हें कुर्सी से उतार दिया. 2015 का चुनाव लालू यादव के वोटों से जीता लेकिन 2017 में उन्हें ही धोखा दे दिया. 2020 का चुनाव बीजेपी के वोट से जीता लेकिन 2022 में भाजपा को धोखा दिया.

तेजस्वी को सीएम बनाने के लिए लालू करें ये काम

सुशील मोदी ने कहा कि लालू यादव को अपने बेटे तेजस्वी यादव को सीएम बनाने के लिए नीतीश कुमार के भरोसे नहीं रहना चाहिये. नीतीश कुमार तो शर्तिया धोखा देंगे. अगर लालू वाकई चाहते हैं कि उनका बेटा सीएम बन जाये तो उन्हें खुद पहल करनी चाहिये. लालू यादव के पास कांग्रेस और वाम दलों का सपोर्ट है. राजद को अपने पुराने गठबंधन के बूते सरकार बनाने के लिए सिर्फ पांच विधायकों की जरूरत है. लालू यादव अगर जेडीयू के सिर्फ पांच विधायकों को तोड़ लें तो उनकी सरकार बन जायेगी.

सुशील मोदी ने कहा कि बिहार विधानसभा अध्यक्ष राजद से हैं. इसलिए जेडीयू के पांच विधायकों को तोडने में राजद को कोई दिक्कत नहीं होगी. लेकिन अगर लालू यादव अगर नीतीश कुमार के भरोसे बैठे रहे तो फिर अपने बेटे को सीएम बनाने का सपना कभी पूरा नहीं होगा.

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