अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस आज: जनविश्वास से जनप्रतिनिधित्व तक, संसद की नई कसौटी पर मंथन
नई दिल्ली: आज अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस मनाया जा रहा है। यह दिवस केवल संसदों का उत्सव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका, जवाबदेही और जनविश्वास पर आत्ममंथन का अवसर भी है। लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति केवल चुनाव नहीं, बल्कि सतत संवाद है और यही संवाद संसद के माध्यम से देश की नीतियों, प्राथमिकताओं और … Read more
