जब रंगदारी का निशाना बने सरकारी प्रोजेक्ट, ठेकेदारों से लेकर इंजीनियरों तक गैंग्स के टारगेट पर

पटना। बिहार में अपराध और रंगदारी की कहानी सिर्फ अपहरण और फिरौती तक सीमित नहीं रही। 1990 के दशक में डॉक्टरों, कारोबारियों, व्यापारियों और संपन्न परिवारों के अपहरण को लेकर बिहार की पहचान बनी। उस दौर में अपराध का सीधा मॉडल था—निशाना तय करो, अपहरण करो, फिरौती मांगो और पैसा मिलने के बाद पीछे हट … Read more