क्या होता है ट्रेडमार्क ऑब्जेक्शन? जानें, कैसे देते हैं इसका जवाब

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Trademark Objection: ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन (Trademark Registration) के दौरान रजिस्ट्रार (Trademark Registrar) या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से आपके ट्रेडमार्क पर आपत्ति दर्ज की जा सकती है.

How To Reply Trademark Objection: जिस ट्रेडमार्क को आप अपने नाम से रजिस्टर कराने के लिए आवेदन दे रहे हैं, अगर उस पर रजिस्ट्रार या थर्ड पार्टी की ओर से आपत्ति दर्ज की गई तो उसे ट्रेडमार्क ऑब्जेक्शन कहा जाता है. इस संबंध में आवेदनकर्ता को नोटिस जारी किया जाता है जिसका जवाब नोटिस जारी होने के दो महीने के भीतर ही दे देना होता है.

ट्रेडमार्क ऑब्जेक्शन कब होता है?

ट्रेडमार्क पर आपत्ति संबंधित सरकारी पदाधिकारी के स्तर से इन दो परिस्थिति में दर्ज की जा सकती है-

अगर आवेदन में दी गई जानकारी अधूरी या गलत पायी गयी;

अगर आपका ट्रेडमार्क पहले से ही रजिस्टर्ड है.

थर्ड पार्टी यानी किसी अन्य की ओर से ट्रेडमार्क पर आपत्ति दो मामलों में दर्ज की जा सकती है-

जब ट्रेडमार्क का इस्तेमाल रजिस्ट्रेशन से पहले किया जाए

जब ट्रेडमार्क जरनल में प्रकाशित किया जाए

हालांकि, ट्रेडमार्क जरनल में प्रकाशित होने के चार महीने के भीतर ही उस पर आपत्ति दर्ज की जा सकती है. अगर चार महीने तक कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई तो रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है. आपत्ति होने पर आवेदनकर्ता को बिना देरी किए 60 दिन के अंदर अपना पक्ष रखते हुए जवाब देना होता है.

कैसे देते हैं ट्रेडमार्क ऑब्जेक्शन का जवाब?

आपके ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन द्वारा पदाधिकारी या थर्ड पार्टी द्वारा किन-किन बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज की है, उनका गहराई से विश्लेषण करने के बाद ही अपना जबाव तैयार करें.

आपत्ति का जवाब देते वक्त कानूनी प्रावधान, पूर्व के जजमेंट आदि का जिक्र करें.

अपने ट्रेडमार्क और आपत्तिकर्ता के ट्रेडमार्क के अंतर को स्पष्ट करें

अपने जवाब को पुख्ता करने के लिए आवश्यक दस्तावेज लगाएं

जवाब के साथ हलफनामा (Affidavit) भी दें और सबूत के तौर पर वेबसाइट, सोशल मीडिया, विज्ञापन, प्रचार सामग्री की फोटो या डॉक्यूनमेंट दें जिससे साबित हो कि उस ट्रेडमार्क का इस्तेमाल आप ही के द्वारा किया जा रहा है.

ट्रेडमार्क ऑब्जेक्शन पर सुनवाई

अपने जवाब को ट्रेडमार्क इ-फाइलिंग पोर्टल पर जमा करें. आपका जवाब मिलते ही ट्रेडमार्क रजिस्ट्रार दोनों पक्षों को बुलाएगा और बहस के आधार पर निर्णय लिया जाएगा. अगर निर्णय आवेदनकर्ता के पक्ष में हुआ तो ट्रेडमार्क रजिस्टर कर लिया जाएगा. अगर आपत्तिकर्ता की जीत हुई तो आवेदनकर्ता का आवेदन रद्द हो जाएगा.

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