PhulwariSharif थाना रिश्वत कांड: मुकर्रम उर्फ कमरुद्दीन का नाम, 11 लाख की डील में आठ पुलिसकर्मी सस्पेंड

फुलवारी थाना में 11 लाख की दलाली! मुकर्रम उर्फ कमरुद्दीन का नाम आया सामने, आठ पुलिसकर्मी निलंबित

पटना | ASIAN TIMES ब्यूरो

बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ थाने में कथित रिश्वतखोरी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। NDPS एक्ट के एक मामले में दो संदिग्धों को छोड़ने के बदले कथित तौर पर 11 लाख रुपये की डील किए जाने का आरोप है। इस मामले में पांच दरोगा समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

लेकिन इस पूरे प्रकरण में एक और नाम चर्चा में है— मुकर्रम उर्फ कमरुद्दीन।

कौन था कथित बिचौलिया?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मुकर्रम उर्फ कमरुद्दीन पर इस कथित सौदे में बिचौलिये की भूमिका निभाने का आरोप है। उसे फार्म मालिक मोहम्मद आफताब आलम और मोहम्मद एहसान के साथ हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की खबर है।

अब सबसे बड़ा सवाल है कि 11 लाख रुपये की कथित डील किसके माध्यम से हुई? रकम किसने ली और किसने बंटवारा किया? क्या इस पूरे मामले में सिर्फ कुछ पुलिसकर्मी शामिल थे या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था?

इन सवालों का जवाब जांच से सामने आना चाहिए।

कैसे सामने आया पूरा मामला?

26 अक्टूबर 2026 को फुलवारी शरीफ पुलिस ने ग्यास नगर स्थित एक फार्म हाउस पर छापेमारी की थी। इस दौरान आकिब खान उर्फ मोहम्मद साकिब खान को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

इसी कार्रवाई में मोहम्मद आफताब आलम और मोहम्मद एहसान को भी थाने लाया गया था। आरोप है कि दोनों को प्राथमिकी में नामजद किए बिना कथित तौर पर पैसे लेकर छोड़ दिया गया।

बताया जाता है कि पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ और मामला वरीय अधिकारियों तक पहुंच गया।

आठ पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

इस मामले में निलंबित पुलिसकर्मियों के नाम हैं:

  1. दिवाकर प्रसाद
  2. नारद मुनि सिंह
  3. रितेश कुमार
  4. आकाश कुमार
  5. पवन कुमार
  6. साबिर आलम
  7. आनंद राज
  8. शुभम कुमार

इनके खिलाफ प्राथमिकी और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू किए जाने की खबर है।

ASIAN TIMES ने पहले भी उठाए थे सवाल

फुलवारी शरीफ में कथित जमीन माफिया गतिविधियों और पुलिस की कार्यशैली को लेकर ASIAN TIMES ने 4 मई 2025 को भी रिपोर्ट प्रकाशित की थी।

उस रिपोर्ट में रफीक आलम और उनसे जुड़े बताए जा रहे लोगों के संबंध में लगाए गए आरोपों को सामने रखा गया था।

अब NDPS मामले में कथित 11 लाख रुपये की डील और स्थानीय बिचौलिये का नाम सामने आने के बाद एक बार फिर पुराने सवाल चर्चा में हैं।

हालांकि, इस नए रिश्वत प्रकरण में मुकर्रम उर्फ कमरुद्दीन की कथित भूमिका और पुराने जमीन विवादों के बीच कोई प्रमाणित संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है।

पुलिस प्रशासन से ASIAN TIMES के सवाल

मुकर्रम उर्फ कमरुद्दीन की कथित भूमिका क्या थी?

11 लाख रुपये की रकम किसने ली और किसके माध्यम से पहुंचाई गई?

क्या इस मामले में अन्य स्थानीय लोगों की भी भूमिका है?

क्या पुलिस विभाग इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक जांच कराएगा?

क्या आठ निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी होगी?

ASIAN TIMES का सवाल: अगर थाने के भीतर ही आरोपियों को छोड़ने के लिए लाखों रुपये की कथित डील हो रही थी, तो इस पूरे खेल का असली सूत्रधार कौन है?

फुलवारी शरीफ की जनता को इन सवालों का जवाब मिलना चाहिए। ASIAN TIMES इस मामले में पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष और जांच की अगली कार्रवाई भी सामने लाएगा।

नोट: इस रिपोर्ट में उल्लिखित आरोप जांच के अधीन हैं। किसी भी व्यक्ति की दोषसिद्धि न्यायालय द्वारा ही तय होगी।

Noida Desk
Author: Noida Desk

मुख्य संपादक (Editor in Chief)

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