जिले में यूजीसी एक्ट और प्रस्तावित नीतियों को लेकर स्वर्ण समाज का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को जिले के विभिन्न इलाकों में भाजपा के खिलाफ लोगों का गुस्सा देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने अपने घरों पर लगे पार्टी के झंडों को उतारकर डस्टबिन और सड़कों के किनारे फेंक दिया, जिससे इलाके में राजनीतिक माहौल गरमा गया।
यह विरोध प्रदर्शन स्वर्ण समाज के संयोजक राजेश कुमार श्री के नेतृत्व में चलाया गया। उनके आह्वान पर समाज के लोगों ने एकजुट होकर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा।
राजेश कुमार श्री ने आरोप लगाया कि स्वर्ण समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। उन्होंने इसे मौलिक और समानता के अधिकारों का हनन बताया।

उन्होंने कहा कि जब तक यूजीसी एक्ट वापस नहीं लिया जाता और स्वर्ण आयोग का गठन नहीं किया जाता, तब तक भाजपा के बहिष्कार का अभियान जारी रहेगा।
सोमवार के प्रदर्शन के बाद आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। संयोजक के अनुसार, मंगलवार को नवादा से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना होंगे।
घरों से भाजपा के झंडे उतारने की घटना के बाद जिले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। वहीं, स्वर्ण समाज के नेताओं का कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
@MUSKAN KUMARI





