पटना हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मामले में पत्नी और उनकी तीन अविवाहित बेटियों के आर्थिक हित में अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने पति को निर्देश दिया है कि उनकी पेंशन से हर महीने 10 हजार रुपये स्वतः पत्नी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएं। इसके साथ ही तीनों अविवाहित बेटियों की शादी का खर्च भी पति को उठाना होगा।
यह आदेश जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस राणा विक्रम सिंह की खंडपीठ ने सुचित्रा देवी की ओर से दायर मिसलेनियस अपील पर सुनवाई के दौरान दिया। सुचित्रा देवी ने भागलपुर की निचली अदालत के तलाक संबंधी आदेश को चुनौती देते हुए वर्ष 2021 में हाईकोर्ट का रुख किया था।

सुनवाई के दौरान पत्नी की ओर से अधिवक्ता दीपक कुमार सिन्हा ने बताया कि पूर्व के आदेश के बावजूद पति फरवरी से हर महीने 10 हजार रुपये देना बंद कर चुके हैं। इससे पत्नी के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पत्नी पर तीन अविवाहित बेटियों की जिम्मेदारी भी है।
वहीं, पति दिनेश सिंह के वकील ने दलील दी कि दुर्घटना में पैर टूट जाने के कारण वह हर महीने 10 हजार रुपये जमा नहीं कर पा रहे हैं। इस दलील से असहमत होते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया कि अब राशि पति के पेंशन खाते से सीधे पत्नी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाए।
दिनेश सिंह सेवानिवृत्त दारोगा हैं और पेंशन उनकी नियमित आय का प्रमुख स्रोत है। कोर्ट ने पत्नी की नियमित जरूरतों और तीनों बेटियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था दी है।
@MUSKAN KUMARI





