रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च लगातार आगे बढ़ रहा है। रविवार को राज्य मंत्रियों की विशेष कमेटी और छात्र प्रतिनिधियों के बीच करीब 5 घंटे तक तीन दौर में हुई मैराथन वार्ता बेनतीजा रहने के बाद प्रदर्शनकारियों ने आज, 10 अगस्त को पूर्व घोषित विधानसभा घेराव का फैसला कायम रखा है।
आंदोलनकारी छात्र संगठनों ने प्रदर्शनकारियों से किसी भी तरह के बहकावे में नहीं आने और शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करने की अपील की है। छात्रों को सुबह 10 बजे से पहले पुरानी विधानसभा के पास जुटने के लिए कहा गया था। इसके बाद छात्र एकजुट होकर नई विधानसभा की ओर पैदल मार्च कर रहे हैं।

विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। नई विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में झारखंड हाईकोर्ट को छोड़कर BNS की धारा 163 लागू की गई है।
रविवार को सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा ने छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत की। सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं। इनमें 14वीं JPSC पीटी और ACF परीक्षा रद्द करना, TDPL एजेंसी की परीक्षाओं की जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन शामिल है।
हालांकि, वार्ता के बाद भी छात्रों का आंदोलन जारी है और प्रदर्शनकारी विधानसभा घेराव की मांग पर अड़े हुए हैं।
@MUSKAN KUMARI






